मेरी मातृभूमि

"मेरी मातृभूमि" - चंदन आचार्य

शोभामयी, प्रभामयी, ज्योत्स्नामयी हे ये वसुंधरा,
ज्योतिर्मयी, गतिर्मयी, सुधामयी हे ये निर्मया।

वो मृत्युंजयी, वो धनंजयी, वो मनंजयी, वो निर्झरा,
वो तेजस्विनी, वो तपस्विनी, वो सौदामिनी, वो निर्भया।

पद्मालया, हंसालया, दिव्यालया, वो विमलया,
शिवालया, मृगालया, ध्रुवालया, वो गंधालया।

वो अरुंधती, वो नीलांबती, वो प्रियंबती, वो चिन्मया।

ऐसी है मेरी मातृभूमि,
ऐसी है मेरी मातृभूमि।

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