यादों में रहना (revised)

"यादों में रहना" – सी. आचार्य

मैं तट पर गया, एक नाव की खोज में,
जो कि डूब जाए, मेरे बीच रास्ते में,
ताकि मैं कूद जाऊँ, बस रह जाऊँ सबकी यादों में,
कह पाऊँ कि तैर गया, आगे बढ़ गया मैं,
दिखा दूँ कि उनमें नहीं वो आग,
सिर्फ दौड़ती मेरे रग-रग में।

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